न्यायपालिका पर लालू, मायावती, ए राजा, जयललिता को विश्वास नहीं होगा तो क्या हम को -आप को होगा ?

   कुछ और फेसबुकिया नोट्स    अब भारतीय न्यायपालिका पर लालू प्रसाद यादव, मायावती , ए राजा , जयललिता आदि को विश्वास नहीं होगा तो क्या हम को -आप...
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टिप्पणी

इन लोगों को एक बड़ी खुशफहमी यह भी है कि यह लोग समाज में जहर बो कर बहुत बड़ी क्रांति कर रहे हैं

कुछ और फेसबुकिया नोट्स कुछ लोगों को भारतीय परंपराओं, संस्कृति आदि से इतनी चिढ़ और घिन है कि उन का वश जो चले और जो उन के हाथ में...
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समीक्षा

डिप्रेशन , फ्रस्ट्रेशन और गुस्से का मारा संजय हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति की कुर्सी के सामने मूत आता है

अपने-अपने युद्ध   [ शन्नो अग्रवाल कोई पेशेवर आलोचक नहीं हैं । बल्कि एक दुर्लभ और सुगढ़ पाठिका हैं । कोई आलोचकीय चश्मा या किसी आलोचकीय शब्दावली, शिल्प और...
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समीक्षा

लोक कवि जब अपनी सफलता के लिए डांसर लड़कियों के मोहताज़ हो जाते हैं

लोक कवि अब नहीं गाते  [ शन्नो अग्रवाल कोई पेशेवर आलोचक नहीं हैं । बल्कि एक दुर्लभ और सुगढ़ पाठिका हैं । कोई आलोचकीय चश्मा या किसी आलोचकीय शब्दावली,...
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संस्मरण

धान फूटते गोभी वाले गांव में

धान जब भी फूटता है गांव में  एक बच्चा दुधमुंहा किलकारियां भरता हुआ आ लिपट जाता हमारे पांव में ।  तो इन दिनों हर गांव  में धान फूट गया...
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समीक्षा

गांधीवादी राजनीति का सपना देखने वाला, आज की जातिवादी और सांप्रदायिक राजनीति से हारता आनंद

वे जो हारे हुए   [शन्नो अग्रवाल कोई पेशेवर आलोचक नहीं हैं । बल्कि एक दुर्लभ पाठिका हैं । कोई आलोचकीय चश्मा या किसी आलोचकीय शब्दावली, शिल्प और व्यंजना या...
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समीक्षा

अखबारी दुनिया के मालिकों व इस के कर्मचारियों की ज़िंदगी में झांकना हो तो इस उपन्यास को ज़रूर पढ़ें

हारमोनियम के हज़ार टुकड़े    [शन्नो अग्रवाल कोई पेशेवर आलोचक नहीं हैं । बल्कि एक दुर्लभ पाठिका हैं । कोई आलोचकीय चश्मा या किसी आलोचकीय शब्दावली, शिल्प और व्यंजना या...
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कांग्रेस मुक्त भारत की दहाङ लगाने वाले नरेंद्र मोदी आहिस्ता-आहिस्ता उसी रहगुज़र के आशिक हो चले

नहीं जनता आंख से काजल निकाल लेना भी जानती है कुछ फेसबुकिया नोट्स  कांग्रेस मुक्त भारत की दहाङ लगाने वाले नरेंद्र मोदी आहिस्ता-आहिस्ता उसी रहगुज़र के आशिक हो चले दीखते...
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राजनीति के जंगल में औरतों के भूखे न जाने कितने भेड़िये रहते हैं जो उन की देह चाटते रहते हैं

व्यवस्था पर चोट करती सात कहानियां   [शन्नो अग्रवाल कोई पेशेवर आलोचक नहीं हैं । बल्कि एक दुर्लभ पाठिका हैं । कोई आलोचकीय चश्मा या किसी आलोचकीय शब्दावली, शिल्प और...
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स्वच्छकार का झाडू लिए फोटुओं में मंत्रियों ,नेताओं और अफसरों की धूर्त छवि छुपाए नहीं छुप रही

कुछ फेसबुकिया नोट्स  कृपया यह नौटंकी बंद करें माननीय लोग ! इन दिनों तमाम मंत्री,नेता,अफसर स्वच्छकार के अभिनय में ऊभ-चूभ फोटो खिंचवाने और उसे जगह-जगह परोसने में बहुत सक्रिय...
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