समीक्षा

इन कहानियों में निरीक्षण क्षमता तो है परंतु गहरे उतर कर पात्रों के अंतर्मन को खंगालने में चूक

प्रताप दीक्षित       साहित्य के केंद्र में मनुष्य होता है। परंतु अकेला मनुष्य नहीं परिवार, समूह और समाज के संदर्भ में। यह संबंध भी समय के साथ बदले हैं।...
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समीक्षा

लेकिन इन प्रेम कहानियों में तो फ़्लर्ट है, छलना है, नाटकीय, प्रायोजित मोड़ और कल्पित संभावनाएं हैं

प्रताप दीक्षित                                    दयानंद पांडेय अपनी कहानी, उपन्यास, आलेख, वक्तव्य ओैर ब्लॉग के माध्यम से अपने पाठकों से संपर्क बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। पाठक...
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टिप्पणी

शैलेंद्र सागर की आत्मीयता में डूबी एक शाम

बहुत दिनों बाद लखनऊ में आज की शाम बड़ी सुखद बन गई । बीते कई सालों से कथाक्रम पत्रिका निकालने और कथा क्रम का आयोजन करने वाले  शैलेंद्र  सागर...
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लेख

अगर – मगर किंतु -परंतु करना छोड़िए भी बिटिया है नहीं है कोई जंतु

 सुनो, तुम्हें ही बदलना है इस मंजर को, बस तुम्हें ही!  शैलेंद्र  यह तो जैसे मेरी ही पीड़ा है। बेटियों के सभी पिताओं की पीड़ा । बेटियों के प्रेम...
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टिप्पणी

देश के मुसलमान जाने कब तक अपने को ज़िम्मेदार नागरिक नहीं सिर्फ़ और सिर्फ़ मुसलमान समझते रहेंगे

 कुछ और फुटकर फ़ेसबुकिया नोट्स  बुलाने को तो रामलीला मैदान की रामलीला में भी नरेंद्र मोदी को इस बार बतौर प्रधान मंत्री नहीं बुलाया गया था l लेकिन जामा...
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संस्मरण

जब अपने बेटे के लिए लड़की भगाई अमरकांत जी ने

अमरकांत  जी की डिप्टी कलक्टरी कहानी भूलती नहीं है, न दोपहर का भोजन। एक दोपहर मैं ने भी बिताई है उन के साथ। कुछ समय पहले मैं इलाहाबाद गया...
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टिप्पणी

समस्याओं में उलझा तो, मगर खोया नहीं मैं ये सच है दर्द गहरा है, मगर रोया नहीं मैं

समस्याओं में उलझा तो, मगर खोया नहीं मैंये सच है दर्द गहरा है, मगर रोया नहीं मैं । जैसी कविताएं लिखने वाले, खुद्दारी और कविता एक साथ जीने वाले...
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टिप्पणी

लोकतंत्र क्या ऐसे ही चलेगा या कायम रहेगा , इस बेरीढ़ और बेजुबान प्रेस के भरोसे ?

 कुछ फेसबुकिया नोट्स कार्ल मार्क्स ने बहुत पहले ही कहा था कि प्रेस की स्वतंत्रता का मतलब व्यवसाय की स्वतंत्रता है। और कार्ल मार्क्स ने यह बात कोई भारत...
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संस्मरण

अनूप शुक्ल लखनऊ में भी कलट्टरगंज झाड़ गए !

हिंदी ब्लागिंग के आदि पुरुष और अगुआ, फुरसतिया ब्लॉग तथा चिटठा चर्चा के जनक अनूप शुक्ला जी कल जबलपुर से कानपुर होते हुए लखनऊ आए तो आज हमारे घर...
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टिप्पणी

उत्सव पांडेय को बेस्ट आऊटफिट ब्वायज और बेस्ट वाक ब्वायज चुना गया

मेरा बेटा उत्सव पांडेय लखनऊ के यूनिटी डिग्री कॉलेज से ला आनर्स कर रहा है। कालेज के वार्षिक महोत्सव यूनीफेस्ट 2014 में उत्सव को बेस्ट आऊटफिट ब्वायज और बेस्ट...
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